Independence Day Slogan in Hindi

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सीने में जुनून, आँखों में देशभक्ति, की चमक रखते हैं

दुश्मन की साँसें थम जाए, आवाज में वो धमक रखते हैं…!!

जय हिन्द
सोचता हूँ क्या दे पाउँगा जो मैंने पाया है इस देश से

क्या मैं कभी चुका पाउँगा जो पाया है इस देश से।

मुझे है फैलाना देश सम्मान की भावना;

शायद इस तरह नज़र मिला पाउँगा इस देश से।।
गांधी स्वप्न जब सत्य बना, देश तभी जब गणतन्त्र बना,

आज फिर से याद करे वह मेहनत, जो की थी वीरो ने और

भारत गणतन्त्र बना…

जय हिन्द
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगें;

शहीदों की क़ुरबानी बदनाम नहीं होने देंगें;

बची हो जो एक बूँद भी गरम लहू की;

तब तक भारत माता का आँचल नीलामी नहीं होने देंगें !

जय हिन्द, जय भारत
मुझे न तन चाहिए, ना धन चाहिए बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं इस मातृभूमि के लिए और मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिए

जय हिन्द, जय भारत
आन देश की शान देश की, देश की हम संतान हैं।

तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान हैं..!!

जय हिन्द, जय भारत
चलो फिर से खुद को जगाते हैं…

अनुशासन का डंडा फिर से घुमाते हैं…

सुनहरा रंग है गणतंत्र का शहीदों के लहू से…

ऐसे शहीदों को हम सर झुकाते हैं।

जय हिन्द
जो भरा नहीं है भावों से

बहती जिसमे रसधार नहीं,

वह हृदय नहीं है पत्थर है। 

जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।
जाति अलग, धर्म अलग पर सबका बस एक ही नारा है,

भारत माता की रक्षा करना लक्ष्य यही हमारा है।

जय हिन्द, जय भारत
ज़माने भर से मिलते हैं आशिक कई; मगर

वतन से खुबसूरत कोई सनम नहीं होता;

नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे है शासक कई;

मगर तिरंगे से खुबसूरत कोई कफ़न नहीं होता..!!

वंदेमातरम्
धनुष उठा, प्रहार कर, तू सबसे पहला वार कर।

अग्नि – सी धधक – धधक, हिरन – सी सजग – सजग

सिंह – सी दहाड़ कर, शंख – सी पुकार कर।
ये देश चैन से सोता है, वो पहरे पर जब होता है

जो आँख उठाता दुश्मन, तो अपनी जान वो खोता है।

उनकी वजह से आज सुरक्षित, ये सारी आवाम है,

दिल से मेरा सलाम है।

तहे दिल से मुबारक करते है,

चलो आज फिर उन आजादी के लम्हों को याद करते है;

कुर्बान हुए थे जो वीर जवान भारत देश के लिए,

चलो आज उनको प्रणाम करते हैं।
बंद करो ये तुम आपस में खेलना अब खून की होली,

उस माँ को याद करो जिसने खून से चुन्नर भिगोली,

इतना ही कहना काफी नहीं भारत हमारा मान है,

अपना फर्ज निभाओ देश कहे हम उसकी शान है।
नफरत बुरी है, न पालो इसे;

दिलो में खालिश है, निकालो इसे;

न मेरा, न तेरा, न इसका, न उसका;

ये सबका वतन है, सम्भालों इसे !
लड़ें वो वीर जवानो की तरह, ठंडा खून फौलाद हुआ,

मरते – मरते भी कई मार गिराए, तभी तो देश आज़ाद हुआ ।

जय हिन्द, जय भारत
अलग है भाषा, धरम, जात और प्रान्त, भेष परिवेश पर

सबका एक है गौरव – राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठ

अमर तिरंगा स्वाभिमान से दुनिया भर में डोलेगा
जहां गिरेगा लहू हमारा वंदे मातरम् बोलेगा
किसी को लगता हैं हिन्दू खतरे में हैं,

किसीको लगता मुसलमान ख़तरे में हैं,

धर्म का चश्मा उतार कर देखो यारों,

पता चलेगा हमारा हिंदुस्तान ख़तरे में हैं।
खूब बहती हैं अमन की गंगा बहने दो,

मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो,

लाल हरे रंग में ना बाटों हमको…

मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो।
एक दिया उनके भी नाम का रख लो पूजा की थाली में,
जिनकी सांसे थम गई हैं भारत माँ की रखवाली में।

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